भारत मे आज कल बहुत लोग गलत लाइफस्टाइल से होणे वाली हेल्थ की समस्या से परेशान है. इनमे से बहुत लोगो को थायरॉईड, डायबेटीस, मोटापे जैसी बिमारीया है.
अगर इन सबका मूल कारण के बारे मे सोचे तो यह पता लगता है कि ये अपने शरीर के अंदर की सुजन की वजह से हुआ है. इस सुजन को इंग्लिश मे इन्फ्लाम्मेशन (Inflammation) केहते है.
ये एक ऐसी प्रक्रिया है जो शरीर खुद को बचाने के लिए करता है. यह इन्फ्लाम्मेशन कभी कभी अचानक होता है और कभी कभी लंबे समय तक भी चलता है.
ये ब्लॉग मे आज हम इसी इन्फ्लाम्मेशन के बारे मे जानेंगे. ये ब्लॉग मुंबई के प्रसिद्ध डायटीशियन फोरम मोदी के अनुभव पर आधारित है. तो चलो देखते है और विस्तार मी आज समझते है क्या है Inflammation in hindi मे.
At Makes You Eat by Dt. Foram Modi, we follow strict editorial guidelines to write all our health blogs & content. All content is written & reviewed for medical accuracy by our head nutritionist – Dt. Foram Modi. If you in case notice any information misleading or need a change in any statement, you may request for a correction.
Definition of Inflammation in Hindi
इन्फ्लाम्मेशन का मतलब है शरीर की अंतर्गत सुरक्षा करने की प्रतिक्रिया. ये हर शरीर मे रहती है. समझो, अगर शरीर को किसी चोट, या बॅक्टेरिया, या व्हायरस या गलत खानपान की वजह से नुकसान हुआ तो शरीर तुरंत अपनी रक्षा बनाली को सक्रिय करता है.
यह प्रक्रिया हमारी बॉडी के छोटी हिस्से याने सेल्स के स्तर पर शुरू होती है. जहा पे बॉडी मे नुकसान हुआ है वहा सबसे पेहले immune सेल्स जाते है और वहा पे खून का प्रवाह बढता है. और इसी कारण हमे लालपण, सुजन, दर्द और गर्माहट मेहसूस होती है. इसी को हि इन्फ्लामेषण कहते है.
इन्फ्लामेषण को शुरुवात से समजना और उसकी जड तक पोहोचना बहुत जरुरी है. डायटीशियन फोरम मोदी कहते है की, इन्फ्लामेषण की जडे हमारे गट से शुरू होती है. जब भी हम बार बार बाहर का खाना खाते है, या प्रोसेस फूड खाते है, या oily चीजे खाते है तो गट हमारा कमजोर हो जाता है.
इसे गट इन्फ्लामेषण कहते है. धीरे धीरे यही सुजन शरीर के दुसरे हिस्सो मे फेल जाती है. अगर इस सुजन से हमारे हड्डीया और जॉईंट का नुकसान होता है, तो उसको जॉईंट इन्फ्लामेषण कहते है. लंबे समय तक जो सुजन हमारे शरीर मे रहती है उसको क्रोनिक इन्फ्लामेषण कहते है.
Symptoms of Inflammation in Hindi - सूजन के सामान्य लक्षण
भारत मे बहुत लोग शरीर मे हो रही ये अंदरूनी सुजन को समय पर पहचान नही पाते. ये सुजन के प्रभाव से अगर हमे बचना है तो हमे इनके सिग्नल्स को जानना होगा और जैसे ही ये सिग्नल हमे दिखते है हमे तुरंत ही इसके बारे मे कार्यवाही करणे होगी.
ये सुजन कभी कभी बाहर से दिखाई देती है और कभी अंदरूनी अंग जैसे गट, लिव्हर, किडनी या जॉईंट मे होती है.
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन के एक रिसर्च पेपर Inflammatory responses and inflammation-associated diseases in organs के अनुसार यह पता हुआ है की यह अपने शरीर का साधारण गुणधर्म है जिससे जो एरिया में इन्फ्लेमेशन हुआ है वहां ब्लड फ्लो ज्यादा हो जाता है
अगर आप लंबी समय से थकान, पाचन समस्या, त्वचा की जलन, या शरीर मे दर्द महसूस कर रहे है तो यह chronic inflammation का संकेत हो सकता है. हम ये chronic सुजन के सामान्य लक्षण के बारे मे बात करेंगे.
- लालपन और गर्माहट: जिस जगह पर सूजन होती है वहां खून का प्रवाह बढ़ जाता है. इससे त्वचा लाल दिख सकती है और छूने पर गर्म महसूस होती है.
- सूजन या फुलाव: प्रभावित हिस्से में पानी या द्रव जमा होने लगता है. इससे वह हिस्सा फूला हुआ दिखता है.
- दर्द या दबाने पर तकलीफ: Inflammation के कारण nerve endings पर दबाव पड़ता है. इसलिए दर्द या sensitivity बढ़ जाती है.
- पेट में गैस, bloating या gut समस्या: लगातार acidity, कब्ज, loose motion या भारीपन gut inflammation का संकेत हो सकता है। यह लंबे समय में chronic inflammation को बढ़ा सकता है.
- जोड़ों में दर्द और stiffness: सुबह उठते समय हाथ पैर अकड़ना या चलने में दर्द होना joint inflammation को दर्शाता है.
- थकान और कमजोरी: बिना ज्यादा काम किए भी थकान महसूस होना शरीर के अंदर चल रही सूजन का संकेत हो सकता है.
- त्वचा पर खुजली या रैश: त्वचा पर जलन या खुजली दिखाई दे सकती है.
इन्फ्लाम्मेशन में सेल्स के अंदर क्या होता है - Cellular Events of Acute Inflammation
जब आपकी शरीर को अचानक छोटी चोट या जलन होती है, तो शरीर की कोशिकाओ के अंदर और आसपास तेजी से कुछ बदलाव आ जाते है. जहा पे आपको ये चोट या इन्फेक्शन हुआ है, वहा पे सबसे पहले छोटी रक्त नलिकाये फैल जाती है. इस प्रक्रिया को Vasodilation कहते है.
इसकी वजह से खून का प्रवाह बढ जाता है और आपको वो जगाह पे लालपण और गर्मा हट महसूस होती है. थोडी देर बाद ये रक्त की कोशिकाये कि दिवार थोडी नरम हो जाती है और इससे व्हाईट ब्लड सेल्स बाहर निकलकर प्रभावित जगह पर पोहोच जाती है. ये कोशिकाये बॅक्टेरिया या इन्फेक्टड सेल्स को खतम करने का काम करती है.
इस पुरी प्रक्रिया मे केमिकल मीडियाटर्स निकलते है जैसे Histamine और Cytokines. ये केमिकल ये सुजन को बढाते है.
उदाहरण के तौर पर अगर समझो आपकी उंगली कट जाती है तो कुछ हि मिनिट मे वहा लाल रंग आ जाता है. अंदर से आपकी उंगली मे इम्युन सेल पोहोच कर वहा पे जो बॅक्टेरिया है उनको नष्ट करते है और डॅमेज टिशू को साफ करते है. एस को हि acute inflammation कहा जाता है. ये बहुत ही सामान्य प्रक्रिया है और अपने शरीर के लिए जरुरी है.
पर समस्या तब होती है जब यह प्रक्रिया लंबे समय तक चल जाती है जिसको chronic inflammation कहते है. और ये chronic inflammation शरीर के अंदरूनी अंग जैसे गट, लिव्हर, और जॉईंट को नुकसान पोहोचा सकती है.
Types of Chronic Inflammation - क्रोनिक इंफ्लामेशन के विब्भिन्न प्रकार
भारत में आजकल कई लोग अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं अगर अपन इनकी जड़ में जाते हैं तो हमें क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन दिखाई देता है.
क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन एक ऐसा इन्फ्लेमेशन है जो लंबे समय तक शरीर में बना रहता है, और धीरे-धीरे अंगों को नुकसान पहुंचता है. इसमें गट इन्फ्लेमेशन, लीवर इन्फ्लेमेशन, किडनी इन्फ्लेमेशन, जॉइंट इन्फ्लेमेशन के प्रकार आते हैं तो अभी देखते हैं इन सब के बारे में विस्तार से –
Gut Inflammation in Hindi - आंतो की सूजन
आजकल बहुत लोगों को पेट से जुड़ी समस्याएं हो रही है. इसकी एक बड़ी वजह गट इन्फ्लेमेशन है. गट इन्फ्लेमेशन का मतलब है आपके आंतो में अंदरूनी सूजन आना.
यह स्थिति तब होती है जब हम बार-बार बाहर का खाना, प्रक्रिया फूड, ज्यादा चीनी वाले फूड और तला हुआ भोजन खाते हैं. इससे आंतों की लाइनिंग कमजोर हो जाती है और अच्छे बैक्टीरिया कम हो जाते हैं. इस कारण से पेट में गैस, ब्लोटिंग, एसिडिटी, लूज मोशन और बार-बार थकान जैसे लक्षण दिख सकते हैं.
अगर आप गट इन्फ्लेमेशन को समय पर ठीक नहीं किया तो यह क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन में बदल सकता है. इसे ठीक करने के लिए सबसे पहले आपको खान-पान में सुधार करना जरूरी है.
अगर आप आपके खाने में एंटी इन्फ्लेमेटरी फूड्स अगर इस्तेमाल करेंगे तो आपको जल्द ही असर नजर आएगा. इस प्रकार के आहार में आप दही, छाछ, हरी सब्जियां, हल्दी, अदरक, लहसुन इस्तेमाल कर सकते हैं.
आप अगर फाइबर से भरपूर आहार अगर ले तो वह गट को साफ रखने में मदद करता है. प्रोबायोटिक और प्रीबायोटिक खाना भी अच्छी बैक्टीरिया को बढ़ाता है.
Symptoms of Gut Inflammation in Hindi - आंतो की सूजन के लक्षण
- लगातार पेट फूलना: खाना खाने के बाद भारीपन और bloating महसूस होना.
- गैस और acidity: बार बार खट्टी डकार, सीने में जलन या गैस बनना.
- कब्ज या loose motion: कभी कब्ज तो कभी पतला मल आना. यह gut bacteria imbalance की वजह से हो सकता है.
- पेट में दर्द: आंतों में सूजन होने पर हल्का या तेज दर्द महसूस हो सकता है.
- मुंह से बदबू: आंतों में toxin जमा होने पर breath खराब हो सकती है.
- भूख कम लगना: पाचन खराब होने से खाने की इच्छा कम हो जाती है.
Joint Inflammation in Hindi - जॉइंट की सूजन
भारत में बढ़ती उम्र ही नहीं बल्कि कम उम्र के लोगों में भी joint inflammation की समस्या तेजी से देखी जा रही है. Joint inflammation का मतलब है जोड़ों में सूजन आना.
यह स्थिति तब होती है जब शरीर की immune system किसी कारण से जोड़ों के आसपास की tissue पर हमला करने लगती है. यह तभी भी हो सकता जय जब वह वहां चोट, infection या uric acid जमा हो जाता है. कई बार chronic inflammation पूरे शरीर में होने के कारण भी joints प्रभावित होते हैं.
गलत खानपान, ज्यादा processed food, मोटापा, vitamin D की कमी और sedentary lifestyle इसकी बड़ी वजह हैं. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो stiffness बढ़ सकती है और चलने फिरने में परेशानी हो सकती है.
Symptoms of Joint Inflammation in Hindi - जोड़ों की सूजन के लक्षण
- जोड़ों में दर्द: चलने, उठने या सीढ़ी चढ़ने में दर्द महसूस होना। आराम करने के बाद भी दर्द बना रह सकता है.
- सुबह stiffness: सुबह उठते समय हाथ या घुटनों में अकड़न रहना। कुछ समय चलने के बाद थोड़ा आराम मिलना.
- सूजन दिखाई देना: प्रभावित joint के आसपास हल्की या स्पष्ट सूजन दिखना.
- चलने में कठिनाई: घुटनों या टखनों में सूजन होने पर mobility कम हो सकती है.
- थकान और कमजोरी: Chronic inflammation होने पर शरीर में लगातार थकान महसूस हो सकती है.
Skin Inflammation in Hindi - त्वचा की सूजन
बदलती जीवनशैली, प्रदूषण और गलत खानपान के कारण skin inflammation यानी त्वचा की सूजन की समस्या बढ़ रही है.
Skin inflammation का मतलब है त्वचा की ऊपरी या अंदरूनी परत में जलन, लालपन या सूजन आना. यह तब होता है जब शरीर किसी allergen, infection, chemical product, stress या अंदरूनी gut inflammation के कारण प्रतिक्रिया देता है.
कई बार chronic inflammation शरीर के अंदर चल रहा होता है और उसका असर त्वचा पर दिखाई देता है. इसलिए केवल बाहरी क्रीम लगाने से समस्या पूरी तरह ठीक नहीं होती, जड़ तक पहुंचना जरूरी है.
Skin inflammation के दौरान आपको खुजली, लाल चकत्ते, सूजन, जलन, dryness या छोटे दाने दिखाई दे सकते हैं. कुछ लोगों में acne, eczema या psoriasis जैसी स्थिति भी develop हो सकती है.
अगर त्वचा की समस्या बार बार लौट रही है तो यह संकेत हो सकता है कि शरीर के अंदर सूजन बनी हुई है. इससे आपको अगर बचे रहना है तो आपको Foods that cause inflammation पता होने चाहिए.
इसमें ज्यादा चीनी, processed food, packaged snacks और बहुत तला हुआ भोजन स्थिति को और खराब कर सकते हैं. इसके अलावा आपको foods that reduce inflammation का सेवन करना चाहिए. इसमें हल्दी, हरी सब्जियां, मौसमी फल, छाछ और पर्याप्त पानी त्वचा को अंदर से सुधारने में मदद करते हैं.
Skin health और gut health का गहरा संबंध है. इसलिए सही anti inflammation diet plan बहुत जरूरी है. Dietitian Foram Modi का फोकस केवल बाहर से इलाज करने पर नहीं बल्कि अंदर की सूजन कम करने पर होता है.
अगर आपको बार बार skin irritation, खुजली या लालपन की समस्या हो रही है तो इसे नजर अंदाज न करें.
Symptoms of Skin Inflammation in Hindi - त्वचा की सूजन के लक्षण
- खुजली और जलन: त्वचा में लगातार खुजली या burning sensation महसूस होना। खुजलाने से स्थिति और खराब हो सकती है.
- सूजन या फुलाव: प्रभावित हिस्से में हल्की या ज्यादा सूजन दिखाई देना। यह active inflammation का संकेत है.
- रूखापन और पपड़ी बनना: त्वचा बहुत dry हो जाना. ऊपर से पपड़ी या छिलका उतरना.
- त्वचा का रंग बदलना: कुछ मामलों में त्वचा का रंग गहरा या हल्का पड़ सकता है.
Kidney Inflammation in Hindi - किडनी की सूजन
आजकल की बढ़ती lifestyle समस्याओं और uncontrolled diabetes या blood pressure के कारण kidney inflammation के मामले भी बढ़ रहे हैं.
Kidney inflammation का मतलब है किडनी की अंदरूनी tissue में सूजन आना. यह स्थिति infection, autoimmune problem, लंबे समय से चल रही chronic inflammation, ज्यादा painkiller लेने या uncontrolled sugar की वजह से हो सकती है.
जब किडनी में सूजन होती है तो शरीर से waste और extra fluid ठीक से बाहर नहीं निकल पाता. इससे शरीर में पानी रुकना, सूजन आना और कमजोरी महसूस होना शुरू हो जाता है.
Kidney inflammation के लक्षणों में पेशाब में जलन, बार बार पेशाब आना या कम पेशाब आना, पेशाब का रंग गहरा होना, चेहरे या पैरों में सूजन, थकान और कभी कभी कमर के निचले हिस्से में दर्द शामिल हो सकते हैं.
कुछ मामलों में fever भी हो सकता है. अगर infection जुड़ा हुआ हो और लंबे समय तक untreated रहने पर यह chronic kidney damage का कारण बन सकता है.
ऐसी स्थिति में सही खानपान बहुत जरूरी है जिसमे आप एंटी इंफ्लेमेटरी फ़ूड आपके खाने में इस्तेमाल करोगे. ज्यादा नमक, processed food, packaged snacks और high sugar diet inflammation को बढ़ा सकते हैं.
इसलिए संतुलित protein, पर्याप्त पानी, हरी सब्जियां और dietitian की सलाह के अनुसार नियंत्रित diet जरूरी होती है.
Dietitian Foram Modi का मानना है कि chronic inflammation को समय पर नियंत्रित करना जरूरी है ताकि kidney जैसी महत्वपूर्ण अंग सुरक्षित रहें. अगर आपको swelling, urine changes या लगातार थकान की शिकायत है तो इसे हल्के में न लें.
Symptoms of Kidney Inflammation in Hindi - किडनी की सूजन के लक्षण
- पेशाब में जलन या दर्द: पेशाब करते समय जलन या चुभन महसूस होना. यह infection या सूजन का संकेत हो सकता है.
- बार बार पेशाब आना: थोड़ी थोड़ी देर में पेशाब की इच्छा होना. खासकर रात में ज्यादा बार उठना.
- पेशाब का रंग गहरा या झागदार होना: गहरे पीले रंग का urine या झाग दिखना protein loss का संकेत हो सकता है.
- कमर के निचले हिस्से में दर्द: पीठ के निचले हिस्से में pain महसूस होना.
- भूख कम लगना या Nausea: उल्टी जैसा महसूस हो सकता है.
Liver Inflammation in Hindi - यकृत की सूजन
Liver inflammation का मतलब है कि यकृत (liver) की कोशिकाओं में सूजन आ गई है. यह स्थिति अक्सर लंबे समय से चल रहे viral infection, अधिक शराब का सेवन, obesity, fatty liver, unhealthy diet और chronic inflammation के कारण होती है.
जब liver में सूजन होती है तो यह ठीक से toxins और waste को filter नहीं कर पाता.
इससे शरीर में थकान, पाचन समस्या, पेट में भारीपन और कभी-कभी भूख कम लगने जैसी समस्याएं दिखाई देती हैं.
Liver inflammation के दौरान लोग abdominal discomfort, पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में दर्द, बार-बार nausea, हल्की yellowing या skin/eyes में हल्का पीलापन और बार-बार थकान महसूस कर सकते हैं.
अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह chronic inflammation in liver में बदल सकती है और long-term liver damage का कारण बन सकती है.
Dietitian Foram Modi कहती है की liver inflammation को नियंत्रित करने के लिए सही खानपान सबसे जरूरी है. Foods that reduce liver inflammation जैसे हल्दी, हरी सब्जियां, मौसमी फल, oats, sprouts, probiotics और पर्याप्त पानी लीवर की सूजन कम करने में मदद करते हैं.
सही डायटीशियन के सलाह se liver inflammation diet plan और lifestyle modification से liver को आराम मिलता है और लंबे समय तक healthy रखा जा सकता है.
Symptoms of Liver Inflammation in Hindi - यकृत की सूजन के लक्षण
- पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में दर्द या भारीपन: यकृत के आसपास सूजन या discomfort महसूस होना.
- थकान और कमजोरी: Liver ठीक से toxins और waste process नहीं कर पाता.
- भूख में कमी और nausea: पाचन प्रभावित होने से खाने की इच्छा कम होना.
- पेट में सूजन: Fluid retention या ascites की वजह से abdomen फूला हुआ लगना.
- बार-बार पेट में गैस: Gut और liver health का संबंध होने के कारण पाचन समस्या दिखाई देती है.
Difference between Swelling and Inflammation
इनफ्लेम्मेशन और स्वेलिंग अक्सर दोनों शब्द एक जैसे समझे जाते हैं. लेकिन दोनों अलग हैं.
Swelling और Inflammation दोनों को हिंदी में अक्सर “सूजन (Sujan)” कहा जाता है. पर इन दोनों में फरक ये है की स्वेलिंग ये एक प्रकार की साधारण सूजन / द्रव जमाव वाली सूजन है और inflammation में सूजन के साथ जलन भी होती है.
Swelling का मतलब है किसी हिस्से में द्रव जमा होने के कारण फुलाव आना. यह injury, लंबे समय तक खड़े रहने, kidney समस्या या pregnancy में भी हो सकता है. हर swelling inflammation नहीं होती.
वहीं inflammation शरीर की रक्षा प्रक्रिया है. इसमें सूजन के साथ लालपन, दर्द, गर्माहट और कभी कभी कार्य करने में कमी भी शामिल होती है. Inflammation में immune system सक्रिय होता है और cells के स्तर पर बदलाव होते हैं. Swelling केवल fluid retention के कारण भी हो सकती है.
जैसे ज्यादा नमक खाने से पैरों में सूजन आ जाना. इसमें जरूरी नहीं कि redness या pain हो. लेकिन inflammation में blood flow बढ़ता है और immune cells प्रभावित हिस्से पर पहुंचते हैं.
Swelling के साथ दर्द और redness भी है तो यह inflammation हो सकता है. सही diagnosis और सही inflammation diet plan से दोनों स्थितियों को नियंत्रित किया जा सकता है.
| आधार | Swelling | Inflammation |
|---|---|---|
| परिभाषा | शरीर के किसी हिस्से में द्रव (fluid) जमा होने से फुलाव आना | शरीर की रक्षा प्रक्रिया जिसमें immune system सक्रिय होता है |
| मुख्य कारण | Fluid retention, injury, ज्यादा नमक, pregnancy, kidney समस्या | Infection, injury, autoimmune प्रतिक्रिया |
| दर्द | जरूरी नहीं कि दर्द हो | अक्सर दर्द मौजूद होता है |
| लालपन (Redness) | आमतौर पर नहीं होता | अक्सर मौजूद होता है |
| गर्माहट | आमतौर पर नहीं होती | अक्सर महसूस होती है |
| Immune system की भूमिका | जरूरी नहीं कि शामिल हो | Immune cells सक्रिय होकर प्रभावित हिस्से पर पहुंचते हैं |
| उदाहरण | ज्यादा नमक खाने से पैरों में सूजन | चोट लगने के बाद लाल, दर्दयुक्त और गर्म सूजन |
Blood Test to Detect Inflammation in body in India
शरीर में छिपी ये inflammation वाली सूजन को समझने के लिए blood test for inflammation रहता है.
यह inflammation टेस्ट बताता है कि शरीर में कहीं internal inflammation तो नहीं है. इसमें सामान्य रूप से CRP (C-reactive protein), ESR (Erythrocyte Sedimentation Rate), और कभी-कभी specific markers test जैसे liver enzymes और kidney function भी देखे जाते हैं.
इन टेस्ट्स से पता चलता है कि body में acute inflammation है या chronic inflammation. अगर ये values बढ़ी हुई हों तो यह संकेत है कि gut inflammation, joint inflammation, liver inflammation या kidney inflammation जैसी समस्या हो सकती है.
Blood test के आधार पर सही inflammation diet plan तैयार किया जा सकता है. Dietitian Foram Modi हमेशा कहती है कि सिर्फ लक्षण देखकर आहार तय करना पर्याप्त नहीं है.
टेस्ट के results को देखकर personalized anti inflammatory diet plan बनाना ही सही तरीका है ताकि शरीर की सूजन को अंदर से कम किया जा सके.
Various Blood Tests for Inflammation in India
- CRP (C-Reactive Protein) Test: यह टेस्ट शरीर में acute inflammation का संकेत देता है. जब कोई infection, injury या sudden tissue damage होता है तो CRP का स्तर बढ़ जाता है.
- ESR (Erythrocyte Sedimentation Rate): यह सामान्य inflammation का संकेत देता है. इसमें यह देखा जाता है कि लाल रक्त कोशिकाएं कितनी तेजी से तलछट में बैठती हैं. तेज बैठना सूजन के संकेत हो सकता है.
- Complete Blood Count (CBC): इस टेस्ट से white blood cells, red blood cells और platelets की संख्या देखी जाती है। White blood cells का बढ़ा स्तर infection या inflammation को दर्शाता है.
- Liver Function Test (LFT): Liver inflammation या liver damage का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसमें liver enzymes और bilirubin का स्तर जांचा जाता है.
- Kidney Function Test (KFT): Kidney inflammation या kidney damage के संकेत के लिए. इसमें creatinine, urea और electrolytes देखे जाते हैं.
- Ferritin Test: Ferritin iron storage का संकेत देता है. High ferritin levels chronic inflammation का संकेत हो सकते हैं.
- Fibrinogen Test: यह blood clotting और inflammation दोनों में बढ़ सकता है. Chronic inflammation वाले लोगों में यह उच्च पाया जाता है.
Foods that cause Inflammation - इन्फ्लेमेशन बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ
अगर आप सोच रहे हैं कि यह इन्फ्लेमेशन को कैसे ठीक करें तो आपको पहले foods that cause inflammation पता होना जरूरी है. इन खाद्य पदार्थों का बार-बार सेवन करने से इन्फ्लेमेशन आपकी बॉडी में बढ़ते रहता है.
ये सिर्फ पेट ही नहीं बल्कि joints, liver, gut और skin पर भी असर डालते हैं. Dietitian Foram Modi का मानना है कि inflammation को रोकने के लिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि कौन से foods शरीर में सूजन बढ़ाते हैं.
Various Foods in India which causes Inflammation
- Processed और packaged foods: ये foods ज्यादा salt, preservatives और artificial chemicals से बने होते हैं। Regular सेवन से gut lining पर stress बढ़ता है और chronic inflammation का खतरा बढ़ता है.
- Deep fried और oily foods: ज्यादा तेल और तला हुआ खाना LDL cholesterol बढ़ाता है और body में inflammatory mediators को सक्रिय करता है.
- Sugary foods और beverages: Soft drinks, pastries और candy जैसी चीनी वाली चीजें blood sugar spikes बढ़ाती हैं और inflammation को तेज करती हैं.
- Red meat और processed meat: बॉडी में saturated fat और advanced glycation end-products (AGEs) बढ़ाते हैं। यह joint inflammation और liver inflammation को बढ़ा सकता है.
- Excess alcohol: अत्यधिक शराब लीवर पर stress डालती है और liver inflammation और gut inflammation के जोखिम को बढ़ाती है. (लिवर सिरोसिस के ऊपर एक रिसर्च के अनुसार यह पता हुआ है की शराब ये एक लिवर ख़राब होने का बड़ा कारन है.)
- Artificial sweeteners और additives: इनका लगातार सेवन gut lining को नुकसान पहुंचा सकता है और inflammation बढ़ा सकता है.
एक रिसर्च The Detrimental Impact of Ultra-Processed Foods on the Human Gut Microbiome and Gut Barrier के अनुसार यह पता हुआ है कि जो फूड्स बहुत ज्यादा प्रोसेसिंग किए हैं वह गट को खराब करते हैं और गट के अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बिगाड़ देते हैं.
How to remove Inflammation from body ?
भारत में बढ़ती lifestyle समस्याओं और गलत खानपान के कारण शरीर में chronic inflammation आम हो गया है. Inflammation को कम करने के लिए सबसे पहले सही खानपान और lifestyle सुधार जरूरी है.
Dietitian Foram Modi का कहना है कि processed foods, sugary drinks, तला हुआ और ज्यादा तेल वाला खाना, शराब और अधिक salt से बचना चाहिए
इसके बजाय anti inflammatory foods जैसे हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, हल्दी, अदरक, लहसुन, oats और probiotics शामिल करें। Regular exercise, पर्याप्त नींद, stress management और hydration भी inflammation कम करने में मदद करते हैं.
Personalized inflammation diet plan के साथ इन उपायों को अपनाने से शरीर की सूजन धीरे-धीरे कम होती है और overall health सुधारती है.
Tip 1 to Remove Inflammation - Consume Anti Inflammatory Foods
इन्फ्लेमेशन को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है anti inflammatory foods को अपनी रोज़मर्रा की diet में शामिल करना. Dietitian Foram Modi का कहना है कि ये foods शरीर में सूजन को कम करते हैं, immunity मजबूत करते हैं और overall health को बेहतर बनाते हैं.
नियमित रूप से हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, हल्दी, अदरक, लहसुन, nuts, seeds और probiotics शामिल करने से gut, joints, liver और skin की सूजन धीरे-धीरे कम होती है.
Anti inflammatory foods का सही combination और portion control inflammation diet plan का अहम हिस्सा है. निचे दी गए एंटी इंफ्लेमेटरी फूड्स का सेवन करने से आप इनफ्लेम्मेषण को कम कर सकेंगे.
- हरी पत्तेदार सब्जियां (Spinach, Kale, Fenugreek): इनमें antioxidants और vitamins भरपूर मात्रा में होते हैं। यह gut inflammation कम करते हैं और immune system को support करते हैं.
- मौसमी फल (Berries, Papaya, Orange, Pomegranate): फलों में polyphenols और vitamin C होते हैं जो शरीर में free radicals को neutralize करके सूजन कम करते हैं.
- दालें और legumes (Moong, Masoor, Chana): Protein और fiber से भरपूर यह foods blood sugar balance रखते हैं और chronic inflammation को घटाते हैं.
- हल्दी (Turmeric): Curcumin युक्त हल्दी natural anti-inflammatory properties रखती है और joints तथा liver की सूजन कम करती है.
- अदरक और लहसुन (Ginger & Garlic): Antioxidants और anti-inflammatory compounds से भरपूर ये foods gut और liver inflammation दोनों को नियंत्रित करने में मदद करते हैं.
- Nuts और Seeds (Almonds, Walnuts, Chia seeds, Flax seeds): Healthy fats और omega-3 fatty acids से भरपूर ये foods heart health और joint inflammation दोनों में मदद करते हैं.
- Probiotics (Dahi, Buttermilk, Fermented foods): Good bacteria से भरपूर यह foods gut lining को स्वस्थ रखते हैं और gut inflammation को नियंत्रित करते हैं.
Tip 2 to Remove Inflammation - Take Customized Anti Inflammatory Diet plan
हर मनुष्य के शरीर की जरूरतें और सूजन के कारण अलग होते हैं. अगर आप इंटरनेट पर पढ़कर सोच रहे हो कि मैं यह ऊपर दी गए एंटी इन्फ्लेमेटरी फूड्स मेरे आहार में लूंगा तो हो जाएगा, तो यह सोच सही है पर यह प्रैक्टिकल में करने के लिए आपको कंसिस्टेंसी और आपको मनोबल रखना पड़ता है.
आप शुरुआत तो कर देते हैं पर इसमें आप हर रोज यह चीज़ फॉलो नहीं कर पाते क्योंकि आपको यह करने के लिए मोटिवेशन चाहिए, आपको कोई एक साथी दार चाहिए जो आपको आपकी गलतियों को बताएं और आपको रोज यह फॉलो करने के लिए प्रेरित करें. Generic anti inflammatory diet plan का अक्सर असर ऐसी वजह से ही नहीं दीखता है.
Generic plan में हर किसी को एक जैसा diet दिया जाता है, जबकि हर व्यक्ति का metabolism, blood markers, gut health, allergies, food preferences और medical history अलग होती है.
इसीलिए डाइटिशियन फोरम मोदी कहती है कि आपने एक बार पर्सनलाइज्ड एंटी इन्फ्लेमेटरी डाइट प्लान आजमाके देखना चाहिए. यही कारण है कि बिना customization के inflammation कम नहीं होता और कभी-कभी स्थिति और बिगड़ भी सकती है
इसीलिए डाइटिशियन फोरम मोदी कहती है कि आपने एक बार पर्सनलाइज्ड एंटी इन्फ्लेमेटरी डाइट प्लान आजमाके देखना चाहिए. यही कारण है कि बिना customization के inflammation कम नहीं होता और कभी-कभी स्थिति और बिगड़ भी सकती है
Dietitian Foram Modi के Signature RCC approach के तहत, आपके blood reports, lifestyle, gut health, digestive patterns और personal preferences को ध्यान में रखकर diet तैयार किया जाता है. इसमें केवल anti inflammatory foods ही नहीं बल्कि सही portions, timing और balanced nutrition भी शामिल होती है
डाइटिशियन फोरम मोदी का एंटी इन्फ्लेमेटरी डाइट प्लान के हम अलग-अलग तरह के एंटी इन्फ्लेमेटरी डिशेस आपको सजेस्ट करते हैं नीचे इनमें से कुछ विशेष की फोटो दी गई है आपके रिफरेंस के लिए.
Conclusion
भारत में chronic inflammation आजकल एक आम समस्या बन गई है, जो gut, joints, liver, kidney और skin को प्रभावित कर सकती है. सही खानपान, anti inflammatory foods और lifestyle बदलाव इसके नियंत्रण में सबसे प्रभावी उपाय हैं.
Dietitian Foram Modi का मानना है कि personalized inflammation diet plan अपनाकर ही शरीर की अंदरूनी सूजन को कम किया जा सकता है और overall health बेहतर बनाई जा सकती है.
Processed foods, sugary drinks और तले-भुने खाने से बचना, हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, nuts और probiotics को diet में शामिल करना जरूरी है. इसके अलावा नियमित exercise, पर्याप्त नींद और stress management भी सूजन कम करने में मदद करते हैं. आशा करते हैं कि यह ब्लॉग से आपको inflammation के बारे में बहुत कुछ समझ आया होगा.
Research Papers References
यह ब्लॉग लिखते समय नीचे दी गई रिसर्च पेपर्स का रिफरेंस लिया गया है.
- Chen L, Deng H, Cui H, Fang J, Zuo Z, Deng J, Li Y, Wang X, Zhao L. Inflammatory responses and inflammation-associated diseases in organs. Oncotarget. 2017 Dec 14;9(6):7204-7218. doi: 10.18632/oncotarget.23208. PMID: 29467962; PMCID: PMC5805548.
- Rondinella, D.; Raoul, P.C.; Valeriani, E.; Venturini, I.; Cintoni, M.; Severino, A.; Galli, F.S.; Mora, V.; Mele, M.C.; Cammarota, G.; et al. The Detrimental Impact of Ultra-Processed Foods on the Human Gut Microbiome and Gut Barrier. Nutrients 2025, 17, 859. https://doi.org/10.3390/nu17050859
- Etiological Spectrum of Cirrhosis in India: A Systematic Review and Meta-analysis (Research confirming alcohol impact on Liver)
Dt. Foram Modi - Inflammation Specialist Dietitian in India
(Stay up to date with latest news, tips & trends in Dietetics & Nutrition by following Dietitian Foram Modi on her below social media channels.)
डाइटिशियन फोरम मोदी यह भारत की सुप्रसिद्ध इन्फ्लेमेशन स्पेशलिस्ट डाइटिशियन है. Dt Foram Modi को 12+ साल का अनुभव है जिसमे उन्होंने अभी तक सैकड़ो लोगों को अपना पर्सनलाइज्ड डाइट प्लान बना कर दिया है.
ऐसे डाइट को therapuetic डाइट कहा जाता है और ऐसे डाइट से लोगो की हेल्थ में सुधार आया है. उनके डाइट प्लान से लोगों को पीसीओडी रिवर्सल, थायराइड रिवर्सल, एंड फर्टिलिटी सक्सेस बी मिला है.
वह उनके मिक्स Makes You Eat by Dt. Foram Modi नामक बोरीवली मुंबई स्थित आहार क्लिनिक के फाउंडर है. वह लोगों को उनके ब्लड रिपोर्ट्स चेक करके एक कस्टमाइज आहार बना कर देते हैं और वह भी बहुत कम डाइटिशियन फीस में.
अगर आप इंडिया में या आउटसाइड इंडिया NRI है और आप इन्फ्लेमेशन डाइटिशियन खोज रहे हैं तो डाइटिशियन फोरम मोदी एक बहुत अच्छे ऑप्शन है.
Dietitian फोरम मोदी ऑनलाइन dietitian कंसल्टेशन में कुछ भी फीस नहीं लेती है तो आप अभी उनके साथ ऑनलाइन कंसल्टेशन बुक कर सकते हैं और अपना कस्टमाइज्ड एंटी इन्फ्लेमेटरी डाइट प्लान के बारे में पूछ सकते हैं और आप ऑनलाइन चाट भी कर सकते है .
Medically Reviewed
Page Written & Medically Reviewed by – Dt. Foram Modi (PGDND, Certified Clinical Nutritionist, Certified Child Nutritionist)
Page Last Updated On – 21st Feb 2026
Visit Our Dietitian Clinic in Borivali, Mumbai
Visit Our Diet Clinic in Borivali, Mumbai
Makes You Eat by Dt. Foram Modi, B102, 1st Floor,
Gurukul Navkar Pearl, Natakwala Ln, Near Registration office,
Behind Platform No. 1, Borivali West,
Mumbai 400092, Maharashtra










